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आपके मर्दानगी के 10 नियम क्या हैं?

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Sidhu Moose Wala Murder Case - 4 जेलों में रची गई थी Moose Wala के हत्या की साजिश, चार्जशीट में बड़ा खुलासा

शुभदीप सिंह सिद्धू मतलब Sidhu Moose Wala के हत्या की साजिश दिल्ली से लेकर पंजाब की 4 जेलों में बैठकर रची गई, मानसा कोर्ट में। पेश की गई चार्जशीट में खुलासा हुआ है। चार्जशीट में कहा गया है कि 29 मई 2022 को  Moose Wala की जब हत्या की गई तब इनमें 4 जेलों में बंद गैंगेस्ट्रो ने पूरी प्लानिंग से इस हत्या को अंजाम दिया।

जेलों से बैठ कर इस हत्या को फोन से अंजाम दिया

जब 29 मई को मानसा के गांव जवाहरके में Moose Wala की हत्या की गई तब इस हत्या के जितने भी Module सामिल थे उन्हे हाई सिक्योरिटी जेलों में बैठे साजिशकर्ताओं ने मोबाइल से जेलों में बैठ कर इस हत्या को अंजाम दिया, वह जेलों से बैठ कर ही शूटरो को निर्देश दे रहे थे,और सारा काम जाम ऑर्डर कातिलों को यह जेलों से बैठ कर ही ऑपरेट कर रहे था

यह साजिशकर्ता है जिन्हो ने साजिश रची


26 अगस्त को दायर आरोपपत्र के अनुसार मुख्य साजिशकर्ता लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया दिल्ली की उच्च सुरक्षा वाली तिहाड़ जेल में बंद थे, जबकिमनप्रीत मन्ना फिरोजपुर जेल में था,सराज संधू
बठिंडा जेल में और मनमोहन सिंह मोहना मनसा जेल में। सभी पांचों को जांच के लिए ट्रांजिट या प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था। पवन नेहरा, जिसका नाम शुरू में इस मामले में आया था, फिरोजपुर जेल में बंद था, लेकिन बाद में उसे निर्दोष घोषित कर दिया गया।

सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने व्हाट्सएप या सिग्नल एप के जरिए एक-दूसरे से संपर्क किया। सूत्रों के मुताबिक, जेलें कट्टर अपराधियों के लिए पनाहगाह साबित हो रही हैं, जहां मोबाइल फोन समेत कई चीजों की आसान पहुंच है। यह अपराधियों द्वारा जेलों से फिरौती के लिए कॉल करने और भय पैदा करके अपने गुर्गों के माध्यम से पैसे की जबरन वसूली के बारे में शिकायतों की संख्या से स्पष्ट है।

यह IPC धाराएं लगाई गई है चार्जशीट में


तलवंडी साबो निवासी मनप्रीत मन्ना को सबसे पहले 31 मई को गिरफ्तार किया गया था। वह फिरोजपुर जेल में बंद था। उस पर एक अन्य आरोपी मनप्रीत भाऊ के लिए कोरोला कार (DL-4C-AE-3414) की व्यवस्था करने का आरोप है, जिसने शूटर जगरूप रूपा और मनप्रीत मन्नू को वाहन मुहैया कराया था।
आरोपियों के खिलाफ धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 341 (गलत तरीके से रोक), 326 (खतरनाक हथियारों या साधनों से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), 148 (दंगा, घातक हथियारों से लैस) के तहत आरोप पत्र दायर किया गया था। हथियार), 149 (गैरकानूनी जमावड़ा), 427 (शरारत), 120-बी (आपराधिक साजिश), 109 (किसी भी अपराध के लिए उकसाना), 473 (नकली मुहर रखना), 212 (अपराधी को पनाह देना), 201 (सबूत गायब करना) मनसा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और शस्त्र अधिनियम की धाराएं।

 पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त कोरोला और बोलेरो कारों सहित सात पिस्तौल, सात मोबाइल फोन और चार वाहन भी बरामद किए हैं।

 चार्जशीट में 122 गवाह रिकॉर्ड में हैं।
और जो Main साजिशकर्ता है उन्हे विदेशों से लाया जा रहा है।

Waziran Blog

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